Sunday, December 6, 2009

मैंने हुस्न के लिए अपनी जान दी 'I died for beauty' - Emily Dickinson

मैंने हुस्न के लिए अपनी जान दी
और कब्र में अभी अडजस्ट हो ही रही थी
कि बगल के कमरे में आ पहुँचा वो
जो सच के लिए मर मिटा था।
उसने आहिस्ते से पुछा: यहाँ कैसे?
'जनाब, हुस्न के लिए' मैंने कहा।
'और मैं सच के लिए, -- दोनों हुबहू ही हैं,'
वो बोला, 'तो हम तो दोस्त हुए ना।'

फिर क्या था, बिछड़े हुए यारों कि तरह
हम रात भर वहीं बैठ गप्प मारते रहे
जब तक काई हमारे होठों तक ना आ गई
और हमारे
नाम अपने नीचे छिपा गई।


tr. from English by Akhil Katyal, 8th December, 2009