Thursday, April 29, 2010

Of this I was certain

Of this I was certain
that the taller one has to make
the first move because it is
too awkward for the short one
to subtly - as they say - lean in.
I want to meet him in the eye,
not hit him in the chin. So I told
you the problem I could not skirt:
is there a right height to flirt?
'Why that's a lie,' you said,
'the short one's equally slated
to win. Perhaps by design,
give your voice another lilt,
or deliberately whisper a word.
To hear it, the tall guy would
resign and tilt, and I am hoping
your prayers would be heard.
At any rate, it's as good an excuse
that the tall ones try: 'Hey,
is there something in your eye?'

Saturday, April 3, 2010

मुझे इश्क से सिर्फ़ उसकी शुरुवात चाहिए - आग़ा शाहिद अली

tr. from Agha Shahid Ali's 'I want from love only the beginning,' his version of the poem by Mahmoud Darwish, from collection 'Rooms are Never Finished'


मुझे इश्क से सिर्फ़ उसकी शुरुवात चाहिए। 

कबूतर रफू करतें हैं, मेरे ग्रानाडा के चौराहों पर, 
आज की शर्ट।
हमारे चिकनी मिट्टी के घड़ों में शराब है, 
हमारे बाद के जशन के लिए
और इन गानों में खिड़कियाँ हैं: 
काफ़ी हैं फूलों के फूट पड़ने के लिए।
मैं चमेली को वास में रहने देता हूँ। 
अपने बचकानू दिल को
अपनी मां की अलमारी में; 
अपने सपने को रहने देता हूँ, हस्ते हुए, पानी में;
सुबह को अंजीर के शहद में; अपने दिन को और
कल को
रहने देता हूँ ओरेंज स्कैर के रास्ते पर, 
जहाँ कबूतर उड़ते हैं।
क्या मैं सच में तुम्हारे पैरों पर इसलिए गिरा था 
कि लफ्ज़ उभर सकें,
एक सफ़ेद चाँद तुम्हारे रातों के साए में...हवा इसलिए पीसी थी
कि फ्लूट स्ट्रीट को एक दफा नीला देख सकूं, और शाम पीसी थी
कि देख सकूं तुम्हारे और मेरे बीच का ये संगमरमर, दुख कैसे सहता है?
खिड़कियाँ अब खाली हैं तुम्हारे शौल के ना होने से।  
किसी और वक्त
कितना जानता था तुम्हें।
तुम्हारी दस उँगलियों से
गार्डेनइयों को चुना था मैंने। किसी और वक्त, वों मोती थे मेरे लिए
तुम्हारे गले के इर्द-गिर्द, और अंगूठी में जड़ा एक नाम जिसका हीरा
अँधेरा था,
चमकता हुआ।
मुझे इश्क से सिर्फ़ उसकी शुरुवात चाहिए। कबूतर आखिरी
आसमान में उड़ते हैं, पंख फैलाये वों उड़ते हैं उस आसमान में।
शराब है, हमारे बाद भी, इन पीपों और घड़ों में।
ज़रा सी ज़मीन काफ़ी है हमारे मिलने के लिए। ज़रा सी ज़मीन
काफ़ी है सुलह के लिए।