Sunday, December 15, 2013

बाबा रामदेव, ओ बाबा रामदेव

ज़रा परे हट, हवा आन दे
रोज़ सुबह आस्था चैनल पर 
अपना पेट लहराते हो,
अपनी ही हुल में रहकर 
क्या क्या बकते जाते हो,
प्राणायाम से ठीक करोगे 
हमारी 'गन्दी आदत' को?
हमारी आदतों को लेकर 
क्यों अपना दिल जलाते हो? 
रामदेव, ज़रा धैर्य से सोचो, 
थोड़ा बैठ के, थोड़ा लेट के, 
ज़रा अपना ठुल्लु समेट के
और निकालो अपनी दाड़ी से जूं,
हम जो हैं वो हैं, मैं जो हूँ वो हूँ     

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