Sunday, January 19, 2014

हम हैं दिल्ली वाले जी

हम हैं दिल्ली वाले जी,
हम गोरे भी हैं काले भी
जो रंग एक बतलाओगे,
पछताओगे, ओ साले जी

भोगल में है अफ़ग़ानिस्तान
खिड़की विलेज में अफ्रीका है,
गली गली में पाकिस्तान,
तिब्बत मजनू का टीला है

"कहाँ के हो?" जो पूछोगे
किसी भी दिल्लीवाले से,
हम पटना, चेन्नई, कोल्काता
काबुल से, कम्पाले से

यहाँ एक रंग नहीं जमता है
यहाँ आसमान रंगीला है,
हज़ार किस्म के हम हैं जी,
दिल्ली कि यही लीला है

1 comment:

Sunita said...

Bahut badhiya dear.