Tuesday, April 29, 2014

लखनऊ मेल

"गाज़ियाबाद आ गया,"
अरे अभी तो लम्बा सफ़र है
"बरेली पहुँच गयें"
अरे अभी तो आधा कटा है
"संडीला के लड्डू?"
तनिक पहुंचने कि आस है
"मलिहाबाद के आम?"
बस अब लखनऊ पास है
"लो, चारबाग़ पर आ रहें हैं"
कौन से प्लेटफार्म पर लगा रहें हैं?

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