Friday, May 16, 2014

रामचन्द्र कह गए सिया से

ऐसा कलजुग आएगा -
ख़ाकी चड्डी पहन के वो तो 
भगवा रंग लहराएगा। 

सिया जी मुस्काईं, बोलीं 
रामचन्द्र से - इतने से ही डर गए?
माना उसकी चड्डी ख़ाकी है, 
पर हमारी लड़ाई भी तो बाकी है।



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