Friday, July 11, 2014

"शांति फिर से कश्मीर घाटी में लौट आई"

कश्मीर राजधानी श्रीनगर में 'बाइस घंटे की मुठभेड़
समाप्त हुई, दो आतंकवादी मारे गए. घाटी में अब शांति
लौट आई है.'' "आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में हजारों
शामिल हुए, सबने शोक मनाया," और शांति जो अस्थायी
रूप से कहीं चली गयी थी, वो फिर से घाटी में लौट आई.
''कश्मीरी गांव में इंडियन आर्मी ने लश्कर कमांडर की
खोज के दौरान तीन घर जला दिए," लेकिन आपको यह
जान कर ख़ुशी होगी की इस मामूली से विघ्न के बाद
शांति, अब वहाँ फिर से बहाल है. ''अनंतनाग में JKLF
की एक रैली रोकी गयी," और अनंतनाग के लोगों को
शांति का स्वाद फिर से चखाया गया. "पुलवाम के जंगल
में एक अज्ञात मानव कंकाल पाया गया" लेकिन वो कंकाल
होने के नाते चाह कर भी अशांति नहीं फैला सका. इस सब के
बीच पर्यटक कश्मीर में भारी मात्रा में उमड़ रहें हैं, और उनके
साथ, शांति, हमारी प्यारी शांति, फिर से घाटी में लौट रही है.

इरोम चानू शर्मीला के लिए

इन चेकपॉइंटस् का कुछ नहीं हो सकता,
इस फसे हुए टेप का कुछ नहीं हो सकता,
जब तुममे और मुझमे बहस होती है, तो 
तर्क का कुछ नहीं हो सकता, गोली चलने
की बू, जो यहां की हवा में टिकी हुई है, 
उसका कुछ नहीं हो सकता, जैसे कुछ
नहीं हो सकता एक यार की ज़िद्द का, 
टीवी पर खबर पढ़ने वालों के उत्साह 
का, जो की पहले से ही अपना मन बना 
बैठें हैं, उस स्वर्ग का कुछ नहीं हो सकता
जिसे स्वर्गदूत ही छोड़ चुके हैं, और उस 
देश का कुछ नहीं हो सकता, जो सिर्फ 
चुप है, जब उसी के कवि, सालों-साल 
भूखे रह बस यही गाते रहें की अगर
हिम्मत हो तो क्या कुछ नहीं हो सकता.

Monday, July 7, 2014

He loved tennis. I loved him.

The prospect was always dim.
Federer was always his hero -
my 'love' always meant zero.

शबद कहो जी

शबद कहो जी 
मोसे शबद कहो जी 
शबद कहो जी 
मोसे शबद कहो जी 

ऐसे शबद जो मेघ बुलावन
ऐसे शबद जो गरज सुनावन
ऐसे शबद मोरे सय्याँ कहियो
जो बिन मौसम बरसावन

शबद कहो जी 
मोसे शबद कहो जी 

ऐसे शबद जो आस दिल्लय्ये  
ऐसे शबद जो पास बुल्लय्ये
ऐसे शबद मोरे सय्याँ कहियो
जो जी से जी मीलवय्ये 

शबद कहो जी 
मोसे शबद कहो जी 
शबद कहो जी 
मोसे शबद कहो जी 

Thursday, July 3, 2014

Bangla Sahib

The Delhi night is full.
The moon sits on high.
The road is grey with
the remains of the day,
those who walk by, see

Bangla Sahib

sending
gold
into
the
sky.


Bangla Sahib
[Photo credits: Ken Weiland]