Wednesday, September 24, 2014

इतने सालों में कितना कम

tr. from Vikram Seth's "How rarely these few years"

इतने सालों में कितना कम, माँ पापा
के घर सब मिले हैं हम, सब काम में
मशगूल, मिलने की बारी ही नहीं आई,
पापा, माँ, मैं, मेरी बहन, मेरा भाई

एक दिन ऐसा आएगा, हम पांचों नहीं रहेंगे
- ये देह किसी को नहीं बक्श्ता, इससे कौन
लड़ेगा - मुश्किल तो बस ये है, कि हम में से

एक को, बाकियों के बाद, थोड़ा जीना पड़ेगा

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