Monday, December 29, 2014

तुम्हारी उँगलियों के बीच

मेरे बालों में बल ऐसे पड़ जाते है,  
जैसे तुम्हारे संग, हया से  
मेरे पैरों की उंगलियां ठिठुर जाती हैं 
...
फिर इस ठण्ड में, बेदिल,
जब तुम उनको भूल जाते हो
तो वो रो लेते हैं, फिर
सुखा लेते हैं अपनेआप को,
बिलकुल तुम्हारी तरह,
मेरे आशिक़,
पूरा स्ट्रेट


tr. from Vqueeram Aditya Sahai's ''My hair would curl''


Vqueeram Aditya Sahai

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