Monday, January 26, 2015

For your freedom,

many died.
For your words,
many fought.
For your vote,
many tried.
For your love,
many went
through a lot.

In case you forgot.

In case you forgot.


(for Mark Ashton and Annie Lee Cooper)

Friday, January 16, 2015

निजामुद्दीन वेस्ट के 'स्टार लुक्स' सलून में

वो दौड़े दौड़े आया और बोला: "भाई,
बहुत जल्दी में हूँ, बस एक्सप्रेस-ट्रेन की 
तरह शेव बना दो," तो इसपर नाई ने
चुटकी लगाई, बोला "जल्दी तो करूँगा
पर कुछ बाल जरूर रह जायेंगे, फिर
कहना कि तुम्हें अच्छी शेव नहीं करनी
आती हैक्या है कि एक्सप्रेस ट्रेन हर
छोटे-मोटे स्टेशन पर रोकी नहीं जाती है"    

 

Sunday, January 11, 2015

That moment when

the evening had not yet gone,
the sky was still not scarlet, the
sun was still to go beneath, the
edges of the Hampstead Heath.

My hands were still in my pockets,
you were still a little far; the heath
then stretched like golden farms,
and you were not yet in my arms.
 

Saturday, January 3, 2015

सफदर*

(12 अप्रैल 1954 - 2 जनवरी 1989)

tr. from Anand Patwardhan's "Safdar"

तो तुमने नहीं देखा बाबरी मस्जिद की तबाही को
और उसके बाद उस हिंसा और नफरत को
तुमने नहीं देखा रमाबाई और और कई दलित हत्या-कांडों को
नहीं देखा तुम्हारे इस देश का एटम बम के लिए प्यार
२००२ में गुजरात की तबाही तुमने नहीं देखी
और नहीं देखी पड़ोसी पाकिस्तान में
तालिबान की रचना, और यहाँ

इस साल हत्यारों का राज्याभिषेक तुमने नहीं देखा

तुम्हारे बाद, हम सब ने ये सब देखा

और देखी बस तुम्हारी राह 

*श्रमिकों के बारे में एक नुक्कड़ नाटक करते हुए, सफदर हाशमी, एक नाटककार, निर्देशक, अभिनेता, गीतकार और थिएटर में अपने काम के लिए प्रसिद्ध विचारक की झंडापुर औद्योगिक शहर में 1989 में हत्या कर दी गयी थी।



Safdar Hashmi (1954-1989)

Anand Patwardhan