Monday, May 25, 2015

एलिज़ाबेथ उम्मेनचेरी - विजय नम्बिसन

tr. from Vijay Nambisan's 'Elizabeth Oomanchery' (in First Infinities; Poetrywala: 2015)

एलिज़ाबेथ उम्मेनचेरी,
मशहूर कवयित्री,
ब्रेड खरीदने कोने-वाली दूकान पर गयीं।
दुकानदार बोला, "एक्सक्यूज़ मी,
"आप तो एलिज़ाबेथ उम्मेनचेरी हैं ना,
"वो मशहूर कवयित्री?"
तो एलिज़ाबेथ उम्मेनचेरी घर लौट गयीं।

एलिज़ाबेथ उम्मेनचेरी
एक शाम अपनी डेस्क पर
कविता लिखने बैठीं
कविता ने पूछा, "एक्सक्यूज़ मी,
"आप तो एलिज़ाबेथ उम्मेनचेरी हैं ना,
"वो मशहूर कवयित्री?"  

एलिज़ाबेथ उम्मेनचेरी
ने कहा "हाँ,"
तो कविता घर लौट गयी। 


Vijay Nambisan
 

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