Sunday, May 31, 2015

भई, हिन्दू लोग कभी बीफ नहीं खाते थे*

* सिवाय, बस
 
चर्मकार (cobblers) खाते थे,
और भट्टा (soldiers) खाते थे,
और नट (actors) खाते थे,    
और दास और मेद और व्रत और भील खाते थे,
सब के सब गौ-मांस देख मुस्काते थे
और इन जैसे और भी हैं   
जो बीफ के नाम पर लार टपकाते थे --
-- वो थे वेदों के भगवान
देखो, इंद्र देव को बैल का मांस बड़ा पसंद था 
और अग्नि देव को सांड भी पसंद था, और गाय भी, 
और वेद और स्मृतियाँ तो यहाँ तक भी बताते हैं 
की किस भगवान के सामने किस किस्म की गाय के
बलिदान दिए जाते हैं --
जैसे, विष्णु जी के लिए एक बौने बैल का, खच्च,  
इंद्र देव के लिए एक बड़े सींग वाले बैल का, खच्च,
और पूषन भगवान के लिए काली गाय का, खच्च,     
तो जब भी भगवानों का मूड होता था 
गाय सबका फ़ूड होता था,
और चुपके-चुपके तो अभी भी,
जब भी संघी बीफ खाते हैं 
खाते-खाते तो वो यही खैर मनाते हैं   
की उनके पूज्य स्वामी विवेकानंदा 
- करो न करो बिलीफ - को बड़ा पसंद था 
बाइसेप्स और भगवद के अलावा
बीफ

(बी.आर. अम्बेडकर और राम पुनियानी को शुक्रिया)

No comments: