Wednesday, August 26, 2015

एक छोटा सा गीत - Dorothy Parker

tr. from Dorothy Parker's 'A Very Short Song'

इक मर्तबा,
    जब मैं थी जवां और सच्ची,
इक बात हुई
    जो बिलकुल नहीं थी अच्छी,
उस रोज़
    किसी ने मेरा दिल तोड़ा था,
मुझे वैसे ही
    दुख के सागर में छोड़ा था।

इश्क़ तो है ही
    बदनसीबों के लिए!
इश्क़ तो है ही
    जैसे कोई अभिशाप!
फिर इक दिन,
    मैंने किसी का दिल तोड़ा,
अब मैं सारे
    ढोंगियों की बाप।


Dorothy Parker
 

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