Sunday, March 13, 2016

ब्राह्मण-राज मिटटी में मिले है

tr. excerpt from Sunil Sardar and Victor Paul's English tr. 'Mother English' of Savitribai Phule's Marathi poem

"ब्राह्मण-राज मिटटी में मिले है
जो अंग्रेज़ ने चाबुक चलाया है

गरीब की भलाई इसी में तो है -
अंग्रेजी के सामने, मनु सकपकाया है"


Savitribai Phule (1831-97)

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