Saturday, December 31, 2016

यही छंद, यही झंड - फिलिप लार्किन

tr. from Philip Larkin's This be the Verse

तुम्हारी ले लेते हैं तुम्हारे मम्मी-डैडी,
जानबूझ कर नहीं, बस उनसे हो जाता है।
दोष भर देते हैं तुम में, कुछ जो ऑलरेडी हैं
उनमें, कुछ नए का भी इंतज़ाम हो जाता है।        

पर उनकी भी पहले किसी ने ली थी,
वो उनके अपने मम्मी डैडी थे,
जिनकी खुद आधे टाइम फटी हुई थी,
बाकी टाइम मरने-मारने को रैडी थे। 

इंसान इंसान को सिर्फ दुख सौंपता है,
जो गहराता है, बस एक अंतहीन झरना।
इसलिए भई, भग लो, जब भी टाइम मिले,
और खुद के बच्चे कभी पैदा न करना।